State of the World 2011: Hindi Press Release

 

जारी करने के लिए रखा गया

बुधवार, 12 जनवरी, 2011

12:00अपराह्न EST

 

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Worldwatch Instituteकी State of the World 2011रिपोर्ट दिखाती है अब कृषि नवाचार ग़रीबी कम करने, और जलवायु स्थिर करने की कुँजी हैं

 

यह रिपोर्ट खाद्य सुरक्षा और कृषि निवेश के लिए रूपरेखा प्रदान करती है, और

15उच्च-और निम्न-तकनीकी समाधानों का खुलासा करती है, जो अफ़्रीका में भूख और ग़रीबी को कम करने में मदद कर रहे हैं

 

न्यू यॉर्क, 12 जनवरी 2011- Worldwatch Instituteने आज अपनी State of the World 2011: नवाचार जो ग्रह को पोषण करता है, रिपोर्ट जारी की, जो सफल कृषि नवाचारों पर प्रकाश डालती है और खाने की बर्बादी रोकने, जलवायु परिवर्तन के लिए लचीलापन लाने, और शहरों में खेती मज़बूत करने में प्रमुख सफलताओं का खुलासा करती है। यह रिपोर्ट कृषि निवेश में वृद्धि और वैश्विक भूख और ग़रीबी कम करने के अधिक कुशल तरीकों के लिए रूपरेखा प्रदान करती है। दुनिया के अग्रणी विशेषज्ञों के विचारों के आधार पर और कृषि के सैकड़ों नवाचारों के मद्देनज़र, जो पहले से यथार्थ में काम कर रहे हैं, यह रिपोर्ट 15सिद्ध, और पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ नुसख़ों की रूपरेखा पेश करती है।

 

"इस रिपोर्ट के माध्यम से प्रदर्शित की गई प्रगति सरकारों, नीति निर्माताओं, गैर-सरकारी संगठनों और दानकर्ताओं कोजानकारी प्रदान करेगी, जो भूख और ग़रीबी को रोकने की फ़िक्र में हैं, और इन सफलताओं को अन्य स्थानों पर विस्तार देने या प्रतिकृति करने के लिए स्पष्ट खाका प्रदान करेगी," Worldwatch Instituteके अध्यक्ष क्रिस्टोफ़र फ़्लेविन ने कहा। "हमें इस बात की ज़रूरत है कि दुनिया के कृषि विकास को प्रभावित करने वाले लोग, उन किसानों के लिए लंबे समय के समर्थन के लिए प्रतिबद्ध हो जाएँ, जो अफ़्रीका की जनसंख्या का 80प्रतिशत हिस्सा हैं।"

 

State of the World 2011रिपोर्ट उस समय सामने आई है, जब अनेक वैश्विक भूख और खाद्य सुरक्षा पहल को मार्गदर्शन की ज़रूरत है, जब वे कृषि निवेश को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हो रहे हैं - जैसे ओबामा प्रशासन का कार्यक्रम Feed the Future program, Global Agriculture and Food Security Program(GAFSP), United Nations World Food Programme (WFP), और Comprehensive Africa Agriculture Development Programme (CAADP)। 

 

हरित क्रांति के लगभग आधी सदी बाद, मानव परिवार का एक बड़ा हिस्सा अभी भी लंबे समय से भूखा है। इस बीच, सरकारों, अंतर्राष्ट्रीय ऋणदाताओं, और न्यासों द्वारा कृषि विकास में निवेश ऐतिहासिक दृष्टि से बहुत कम है। 1980 के बाद से, वैश्विक विकास सहायता का कृषि का हिस्सा 16 प्रतिशत से अधिक से गिरकर आज सिर्फ़ 4 प्रतिशत रह गया है।

 

2010में, सरकारों, न्यासों, और व्यक्तियों ने अफ़्रीका में कृषि परियोजनाओं के समर्थन के लिए $4अरब डॉलर से कम प्रदान किया, और यह सूचना संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, और आर्थिक सहयोग और विकास संगठन के आँकड़ों पर आधारित है। हालाँकि संभावना है कि कृषि विकास के लिए प्रतिबद्धता 2011में बढ़ जाएगी, लेकिन अधिकांश पैसा अभी भी एकत्र किया जाना है और अफ़्रीका के ग़रीब किसानों तक भेजा जाना है।

 

"अंतर्राष्ट्रीय समुदाय भूख और ग़रीबी को कम करने के अपने प्रयासों में खाद्य प्रणाली के समूचे क्षेत्रों की उपेक्षा कर रहा है," Worldwatchके Nourishing the Planet projectके सह-निदेशक डैनियल नियरेंबर्ग ने कहा। "समाधान ज़रूरी तौर पर अधिक खाद्य उत्पादन से नहीं मिलेंगे, बल्कि इस बात को बदलने में मिलेंगे कि बच्चे स्कूलों में क्या खाते हैं, खाद्य पदार्थ कैसे प्रसंस्कृत तथा मार्केट किए जाते हैं, और हम किस प्रकार के खाद्य व्यापार में निवेश कर रहे हैं।"

 

उदाहरण के लिए, स्थानीय रूप से पैदा होने वाली फ़सलों को स्कूली बच्चों को पेश करना, अनेक अफ़्रीक़ी देशों में भूख और ग़रीबी कम करने की प्रभावी नीति साबित हुआ है, और इसके संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप में अनेक सफल खेत-से-कैफ़ेटेरिया के मज़बूत समानांतर कार्यक्रम हैं। इसके अलावा, "फ़िलहाल दुनिया भर में उत्पादित किए जाने वाले भोजन का लगभग 40 प्रतिशत भाग इसके उपभोग से पहले ही बर्बाद हो जाता है, और इस बर्बादी को कम करने से किसानों और परिवारों के लिए पैसा और संसाधन दोनों बचाने के बड़े अवसर पैदा होंगे," Nourishing the Planetके सह-निदेशक ब्रायन हलवेइल का कहना है।

 

State of the World 2011 रिपोर्ट भूख और ग़रीबी को कम करने के लिए समाधान पेश करने के लिए सैकड़ों प्रकरण अध्ययनों और सीधे उदाहरणों के आधार पर निष्कर्ष प्रदान करती है। इनमें शामिल हैं: 

 

  • 2007में, गैंबिया में लगभग 6,000महिलाओं ने TRYमहिला कस्तूरा मछली उपज उत्पादक संघ तैयार किया, जिससे स्थानीय कस्तूरा मछली-पालन के लिए स्थायी सह-प्रबंधन योजना का निर्माण किया गया, ताकि अधिक उपज और दोहन को रोका जा सके। कस्तूरा और मछली, आबादी के लिए प्रोटीन का कम कीमत वाला महत्वपूर्ण स्रोत है, लेकिन इसके वर्तमान उत्पादन स्तर से पर्यावरण का क्षरण हुआ है और पिछले 30वर्षों में भूमि के उपयोग में परिवर्तन आया है। सरकार कम विनाशकारी तरीकों को बढ़ावा देने और कम आय वाले निर्माताओं को ऋण की सुविधाओं का विस्तार करने के लिए TRYजैसे समूहों के साथ काम कर रही है, ताकि अधिक टिकाऊ उत्पादन में निवेश को प्रोत्साहित किया जा सके। 

 

  • नैरोबी, में किरेबा में, जो केन्या में सबसे बड़ी झुग्गी-बस्ती है, 1,000 से अधिक महिला किसान गंदगी से भरे बोरे में, जिनमें छिद्र कर दिए जाते हैं, "ऊर्ध्वाधर" उद्यान में उपज कर रहे हैं, और अपने परिवारों और समुदायों का पेट पाल रहे हैं। इन बोरियों में शहर के हज़ारों निवासियों का पेट पालने की क्षमता है, और साथ ही ये शहरी किसानों के लिए आय का स्थायी और रखरखाव में आसान स्रोत प्रदान करते हैं। अनुमान है कि 2050 तक अफ़्रीका की आबादी का 60 प्रतिशत से अधिक भाग शहरी क्षेत्रों में निवास करेगा, और ऐसी स्थिति में ऐसे तरीके भविष्य में खाद्य सुरक्षा के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। फ़िलहाल, अफ़्रीका के लगभग 33 प्रतिशत लोग शहरों में रहते हैं, और हर साल 1.4 करोड़ से अधिक लोग शहरी क्षेत्रों की ओर पलायन करते हैं। दुनिया भर में, लगभग 80 करोड़ लोग शहरी कृषि में संलग्न है, जो कुल खाद्य पदार्थों का 15-20 प्रतिशत उत्पादित करते हैं।

 

  • दक्षिण अफ़्रीका और केन्या में पशु-पालक, पशुओं की स्वदेशी क़िस्मों का परिरक्षण कर रहे हैं, जो स्थानीय परिस्थितियों की गरमी और सूखे के अनुकूलित हो गए हैं - जो महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लक्षण हैं क्योंकि इस महाद्वीप पर जलवायु की चरम स्थितियाँ बिगड़ती जा रही हैं। अफ़्रीका में दुनिया में स्थायी चरागाह का सबसे बड़ा क्षेत्र है, और सबसे बड़ी संख्या में पशु-पालक हैं, तथा 1.5 से 2.5 करोड़ लोग पशुओं पर निर्भर हैं।

 

  • Food, Agriculture and Natural Resources Policy Analysis Network (FANRPAN) महिला किसानों, समुदाय के नेताओं और नीति-निर्माताओं को स्त्री-पुरुष की समानता, खाद्य सुरक्षा, भूमि की अवधि, और संसाधनों तक पहुँच के बारे में खुले संवाद में संलग्न करने के लिए इंटरेक्टिव समुदाय नाटकों का उपयोग कर रहा है।  उप सहारा अफ़्रीका में कम-से-कम 75 प्रतिशत कृषि श्रमिक महिलाएँ हैं और खाद्य और घरेलू खपत के उत्पादन और बिक्री के लिए 60-80 प्रतिशत तक श्रम प्रदान करती हैं, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि उन्हें स्थानीय प्रशासन और निर्णय में अपनी ज़रूरतों को व्यक्त करने के लिए अवसर दिया जाए। यह मनोरंजक और सौहार्दपूर्ण मंच उन्हें अपनी बात खुलकर कहने में आसानी प्रदान करता है।

 

  • युगांडा का Developing Innovations in School Cultivation (DISC) कार्यक्रम स्कूल के पाठ्यचर्या में देशी वनस्पति उद्यान, पोषण सूचना, और भोजन तैयार करना एकीकृत कर रहा है, ताकि बच्चों को पढ़ाया जा सके कि स्थानीय फसल की क़िस्में कैसे उगाई जाती हैं, जिससे भोजन की कमी से निपटने और देश की पाक परंपराओं को पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी। एक अनुमान के अनुसार फ़िलहाल लगभग 33 प्रतिशत अफ़्रीक़ी बच्चे भूख और कुपोषण का शिकार हैं, जो 2025 तक लगभग 4.2 करोड़ बच्चों को प्रभावित कर सकते हैं। यह स्कूल पोषण कार्यक्रम, जो बच्चों को न केवल भोजन देता है, बल्कि उन्हें भविष्य के किसान बनने की प्रेरणा और शिक्षण भी देता है, खाद्य सुरक्षा में सुधार की ओर एक बड़ा कदम है।

 

स्टेट ऑफ़ वर्ल्ड 2011 रिपोर्ट में दस्तावेज़, सारांश, अभिनव डेटाबेस, वीडियो, और पॉडकास्ट सहित अन्य सूचनात्मक सामग्री भी शामिल है, और यह सब www.NourishingthePlanet.orgपर उपलब्ध है। इस परियोजना के निष्कर्ष विस्तृत श्रेणी के कृषि हितधारकों को प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनमें सरकारी मंत्रालय, कृषि नीति-निर्माता, किसान और समुदाय नेटवर्क, और अधिकाधिक प्रभावशाली हो रही गैर-सरकारी पर्यावरण और विकास समुदाय शामिल है।

 

इस अनुसंधान को आयोजित करने में, Worldwatchकी ग्रह पोषण परियोजना को प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों तक अभूतपूर्व पहुँच प्राप्त हुई है, जिसमें Consultative Group on International Agricultural Research(CGIAR) समूह शामिल है। इसकी टीम ने बड़े पैमाने पर किसानों और किसान संघों और साथ ही बैंकिंग और निवेश समुदायों के साथ भी बातचीत की है।

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संपादकों के लिए टिप्पणियाँ: 

 

क्रिस्टोफ़र फ़्लेविन, डैनियल नियरेंबर्ग, ब्रायन हलवेइल, या State of the World 2011 के अन्य योगदानकर्ताओं का साक्षात्कार लेने के लिए, कृपया संपर्क करें:

 

अमंडा स्टोन,संचार सहायक, Worldwatch Institute

(+1) 202-452-1992 x514; astone@worldwatch.org

 

State of the World 2011 की प्रतियों की समीक्षा के लिए:

संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और भारत में, अमंडा स्टोन से यहाँ संपर्क करें mailto:astone@worldwatch.orgastone@worldwatch.org.इन तीन देशों से बाहर, गरड्रन फ़्रीज़ से संपर्क करें gudrun.freese@earthscan.co.ukया +44(0)20 7841 1930।

 

ख़रीद की जानकारी:

State of the World 2011 की कीमत $19.95 और शिपिंग और हैंडलिंग शुल्क है। इसे Worldwatch वेबसाइट पर के माध्यम से ख़रीदा जा सकता हैhttp://www.worldwatch.org/sow11, या ई-मेल के द्वारा wwpub@worldwatch.org, टोल फ़्री नंबर पर कॉल करके (+1) 877-539-9946 (अमेरिका में) या (+1) 301-747-2340 (विदेशों से), या फ़ैक्स द्वारा (+1) 301-567-9553,ISBN संख्या 9780393338805 के साथ।

 

पुस्तक को यहाँ Earthscan वेबसाइट के माध्यम से भी ख़रीदा जा सकता है www.earthscan.co.uk,याई-मेल के द्वारा earthinfo@earthscan.co.uk, या कॉल करके +44(0)12 5630 2699ISBN संख्या 9781849713528 के साथ।

 

Worldwatch Instituteके बारे में:

Worldwatchवाशिंगटन, डीसी में स्थित स्वतंत्र अनुसंधान संगठन है, जो ऊर्जा, संसाधनों और पर्यावरण के मुद्दों पर काम करता है। संस्थान की स्टेट ऑफ़ द वर्ल्ड रिपोर्टसालाना रूप से 20 से अधिक भाषाओं में प्रकाशित होती है। अधिक जानकारी के लिए, www.worldwatch.orgदेखें।